सेवा अनुबंध
30 अक्टूबर 2026 का संस्करण
यह अनुबंध आपके (क्लाइंट) और ClaimSahayak के बीच है, और आपके द्वारा हमारे पास दर्ज केस पर लागू होता है। भुगतान से पहले कृपया इसे पढ़ें। यह हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति के साथ लागू होता है। अगर हिंदी और अंग्रेज़ी पाठ में कोई अंतर हो, तो अंग्रेज़ी पाठ मान्य होगा।
1. हम क्या करते हैं
हम आपके रिजेक्ट या कम भुगतान वाले क्लेम की जाँच करते हैं और, जहाँ उचित हो, बीमा कंपनी के शिकायत अधिकारी, IRDAI बीमा भरोसा और बीमा लोकपाल के पास आपकी ओर से शिकायत तैयार करके आगे बढ़ाते हैं। उपभोक्ता आयोग में केस सिर्फ़ तभी लिया जाता है जब हमारे विकल्प देने पर आप उसे चुनें। हम किसी नतीजे की गारंटी नहीं दे सकते।
2. रजिस्ट्रेशन फ़ीस
- केस दर्ज करते समय आप ₹499 देते हैं।
- अगर दस्तावेज़ जाँचने के बाद हम आपका केस न लेने का निर्णय लेते हैं, तो ₹400 वापस किए जाएँगे और ₹99 जाँच की फ़ीस के रूप में रखे जाएँगे।
- अगर हम आपका केस लेते हैं, तो ये ₹499 सफलता फ़ीस में घटा दिए जाएँगे।
3. सफलता फ़ीस
- मिली राशि का 15%, अगर पैसा बीमा कंपनी, बीमा भरोसा या लोकपाल के स्तर पर मिलता है।
- मिली राशि का 18%, अगर पैसा हमारे माध्यम से उपभोक्ता आयोग में केस दर्ज होने के बाद मिलता है।
- ClaimSahayak के GST में रजिस्टर्ड होने के बाद, लागू दर से GST जोड़ा जाएगा।
- अगर हमारे काम से कोई पैसा नहीं मिलता, तो कोई सफलता फ़ीस नहीं लगेगी।
4. मिली राशि किसे माना जाएगा
हमारे पास रजिस्टर करने के बाद बीमा कंपनी क्लेम पर जो पैसा देती है (या लिखित में देने को राज़ी होती है), जिसमें दिया गया ब्याज या मुआवज़ा भी शामिल है, उसमें से वह राशि घटाकर जो बीमा कंपनी आपके रजिस्टर करने से पहले ही दे चुकी थी या लिखित में ऑफ़र कर चुकी थी। अगर क्लेम किस्तों में मिलता है, तो हर किस्त मिलने पर उस पर फ़ीस गिनी जाएगी।
5. हमें बताना और भुगतान
- अवॉर्ड, समझौता पत्र या पैसा मिलने के 3 दिन के अंदर कृपया हमें बताएँ, और पत्र या बैंक एंट्री की कॉपी भेजें।
- हम बिल आपके केस पेज पर डालेंगे और ईमेल से भेजेंगे।
- पैसा आपके बैंक में आने के 7 दिन के अंदर वेबसाइट से ऑनलाइन भुगतान करें।
6. अगर आप केस वापस लेते हैं या सीधे समझौता करते हैं
आप हमें लिखकर कभी भी केस रोक सकते हैं। लेकिन अगर हमारे द्वारा आपकी ओर से शिकायत या प्रतिवेदन भेजे जाने के बाद आप केस वापस लेते हैं या बीमा कंपनी से सीधे समझौता करते हैं, और बाद में क्लेम पूरा या आंशिक रूप से मिल जाता है, तो मिली राशि पर सफलता फ़ीस फिर भी देय होगी।
7. अगर फ़ीस नहीं दी जाती
हम पहले रिमाइंडर भेजेंगे। फिर भी फ़ीस न मिलने पर हम कानूनी नोटिस भेज सकते हैं और इस अनुबंध के तहत वसूली कर सकते हैं।
8. विवाद
किसी भी विवाद को हम पहले 30 दिन बातचीत से सुलझाने की कोशिश करेंगे। न सुलझने पर, मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के तहत जबलपुर में एकल मध्यस्थ (आर्बिट्रेटर) हिंदी या अंग्रेज़ी में निर्णय करेगा। इससे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत आपके अधिकार कम नहीं होते।
9. आप कैसे स्वीकार करते हैं
अपने ईमेल पर आए एक-बार के कोड से लॉग-इन रहते हुए, अपने केस पेज पर बॉक्स पर टिक करके और 'स्वीकार करें' दबाकर आप यह अनुबंध स्वीकार करते हैं। हम तारीख, समय और संस्करण दर्ज करते हैं।